कर्म सिद्धांत

कर्म सिद्धांत – मुनि निंदा के कारण अपमानित हुआ इन्द्र – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

रावण से इन्द्र विद्याधर युद्ध में पराजित हुआ। रावण ने इंद्र को पराजित कर उसे बंधक बनाकर रखा फिर कुछ…

कर्म सिद्धांत:- ‘सहज और सकारात्मक सोच के साथ जीवन जिएं’- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

हमारे सुख-दुख का कारण हम स्वयं हैं। हम जैसा करेंगे उसका वैसा ही फल हमारे पास वापस आएगा, तो फिर…

कर्म सिद्धांत:- ‘दुखों पर नहीं अपने कर्मों पर ध्यान दो’- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

धर्म करने के बाद भी दुःख पीछा नही छोड़ता है तो मन विचलित हो जाता है। नकारात्मक विचार आने लगते…

कर्म सिद्धांत:- ‘आज के कर्म सुधार लो, भूत-भविष्य अपने आप सुधर जाएंगे’- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

दुनिया में सब कर्मों के मारे हैं। किसे कब क्या हो जाए, किसके क्या भाव बन जाएं, कौन कब क्या…
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