अन्तर्मुखी के दिल की बात : महामस्तकाभिषेक बने अक्षर कलश अभियान – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

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mahamastakabhishek bane akshar kalash abhiyaan

फरवरी 2022 में श्रीमहावीरजी में भगवान महावीर का महामस्तकाभिषेक होना तय हुआ है। यह महामस्तकाभिषेक ऐतिहासिक हो इसके लिए क्षेत्र कमेटी अपनी ओर से पूरी तैयार कर रही होगी। मेरा अपना विचार है कि 2022 के महामस्तकाभिषेक के माध्यम से एक ऐसा अभियान चलाया जाए जिससे महावीर की वाणी का अध्ययन समाज में व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से पुनः शुरू हो।

आज स्वाध्याय की कमी के कारण हम स्वयं अपनी संस्कृति और संस्कारों से अनभिज्ञ है। इसका दुष्परिणाम भी हम देख रहे है कि आज समाज में आचरण, व्यवहार, भोजन, पहनावे, बोलचाल आदि में जैन संस्कृति का प्रभाव नही दिखाई दे रहा है। हम अपने आपको शाकाहारी तो कहते हैं पर क्या आज पूर्ण रूप से शाकाहारी हैं? आज हमारा भोजन भी शुद्ध नही रहा तो उसका प्रभाव विचारों पर पड़ा, फिर आचरण पर पड़ा, क्योंकि आज पहले के समान घर-घर, मंदिर-मंदिर स्वाध्याय होना बंद हो गया है।

मुझे पूरा विश्वास है अगर महामस्तकाभिषेक के निमित्त से कुछ इस तरह का अभियान चला जाए तो निश्चित ही समाज में स्वाध्याय के प्रति जागृति आएगी। समाज में स्वाध्याय के प्रति जागृति आने से देव, शास्त्र और गुरु के प्रति और श्रद्धा, आस्था, विश्वास दृढ़ होगा। इस अभियान को अक्षर कलश अभियान नाम भी दे सकते हैं।

अनंत सागर
अंतर्मुखी के दिल की बात
सेतालीसवां भाग
22 फरवरी 2021, सोमवार, बांसवाड़ा

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