स्वाध्याय – 13 : सात प्रकार के केवली

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saat prakaar ke kevali

1 तीर्थंकर केवली : 2,3 एवं 5 कल्याणक वाले केवली ।
2 सामान्य केवली : कल्याणकों से रहित केवली ।
3 अन्तकृत केवली : जो मुनि उपसर्ग होने पर केलवज्ञान प्राप्त करके लघु अन्तर्मुहूर्त काल में निर्वाण को प्राप्त होते हैं ।
4 उपसर्ग केवली : जिन्हें उपसर्ग सहकर केवलज्ञान प्राप्त हुआ हो ।
5 मूक केवली : केवलज्ञान होने पर भी वाणी नही खिरती ।
6 अनुबद्ध केवली : एक को मोक्ष होने पर उसी दिन दूसरे को केवलज्ञान होना ।
7 समुद्​घात केवली : केवली भगवान की आयु अन्‍तर्मुहूर्त एवं शेष कर्मों की स्थिति अधिक रहती है,अतः वे आयु कर्म के बराबर शेष कर्मो की स्थिति करने के लिए समुद्​घात करते हैं।

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