साथ लेकर चलना सीखा

label_importantकृतज्ञता

गुरुदेव से मिलने के बाद मेरे जीवन में काफी परिवर्तन आया है। उनसे मैंने सीखा कि सभी को साथ लेकर कैसे चला जाए, समाज में एकजुटता कैसे रखी जाए और लोगों की भलाई कैसे की जाए। उनसे ही मैंने साधु-संतों के प्रति श्रद्धा रखना सीखा है। उनसे मिलने के बाद मेरा समाज को देखने का नजरिया और सकारात्मक हुआ है। मैंने उनसे मिलने के बाद जाना कि कैसे धर्म की प्रभावना की जाती है और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाता है। मेरा मानना है कि मुनि पूज्य सागर जी जैसे संत ही देश और समाज को सही राह दिखा रहे हैं और उसे आगे बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं।

दिनेश खोड़निया

सागवाड़ा

मैनेजिंग ट्रस्टी : धार्मिक श्रीफल परिवार ट्रस्ट

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