श्रावक – श्राविका भी दस उपवास की साधना कर रहे हैं

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भीलूड़ा। स्थानीय दिगम्बर जैन मंदिर में अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज की मौन साधना चल रही है। चातुर्मास के दौरान 5 अगस्त से प्रारम्भ हुई मौन साधना 21 सितम्बर तक चलेगी। 10 सितम्बर से शुरू हुए दसलक्षण पर्व पर भीलूड़ा जैन समाज के श्रावकों द्वारा भी आचार्य अनुभव सागर महाराज के प्रथम शिष्य अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सान्निध्य और आशीर्वाद से दस उपवास की साधना की गई। दस उपवास की साधना करने वाले श्रावकों को आचार्य सुंदर सागर महाराज और आचार्य अनुभव सागर महाराज का अशीर्वाद भी मिला। श्रीफल फाउंडेशन और अन्तर्मुखी गुरुभक्त परिवार की और से तपस्वियों की अनुमोदना । 12 श्रावक- श्राविका ने दस उपवास की साधना कर रहे है । आओ जानते है उनका परिचय ।

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