अपने बच्चों को समाज और परिवार की संस्कृति से जोड़ने का संकल्प करे हर मां-अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

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उदयपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को पद्मप्रभु दिगंबर जैन मंदिर पहाड़ा में एक अनूठा आयोजन देखने को मिला। यहां 6 वेदियों पर उदयपुर दिगम्बर जैन समाज की 70 महिलाओं ने विशेष पंचामृत अभिषेक किया।

मंदिर के मूलनायक भगवान पद्मप्रभु पर दीपिका जैन और सुमित्रा दलावत को पंचामृत अभिषेक और शांतिधारा करने लाभ प्राप्त हुआ। आज का अभिषेक पहाड़ा दिगम्बर जैन समाज ने महिलाओं को समर्पित किया।

दीपिका जैन, सुमित्रा दलावत के साथ पंचामृत अभिषेक करने का लाभ विजय गुडलिया, पवन तितड़िया और श्यामसुंदर चित्तौड़ा को भी मिला।

सौधर्म इन्द्र बनने का लाभ अशोक डागरिया और यज्ञ नायक बनने का लाभ नाथूलाल विदाला को प्राप्त हुआ। इससे पहले सिद्धचक्र विधान के सातवें दिन विधान मंडल पर 512 अर्घ्य समर्पित किए गए।

भगवान पर आम, नारंगी, नारियल, मौसंबी, अंगूर रस, दूध, दही, केसर, चन्दन, लाल चंदन, नवरत्न, रजत पुष्प आदि से विशेष अभिषेक किया गया।

इस अवसर पर अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने कहा कि आज मां की ममता मरती जा रही है। इसके  कारण संस्कार और संस्कृति परिवार और समाज से दूर होती जा रही है। लाज-शर्म नहीं रही तो परिवार की एकता समाप्त होते जा रही है।

हर मां को आज के दिन संकल्प करना चाहिए कि वह अपने बच्चों को समाज और परिवार की संस्कृति से जोड़ेगी और चाहे कितनी ही लौकिक पढ़ाई क्यो ना हों उन्हें मंदिर, गुरु दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान में साथ लेकर जाएगी। तभी तो सभी अपनी आने वाली पीढ़ी को सभ्य और संस्कारित देख पाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह भी हर मां की जिम्मेदारी है कि वह अपनी बेटियों में अभी से मां की ममता, प्रेम, स्नेह क्या होता है, इन सबके बारे में बताए।

नहीं तो आने वाले समय में वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ती ही जाएगी। हर घर होटल बन जाएगा। कोई सदस्य कब आया, कब गया, किसे क्या दुख है, यह एक ही छत के नीचे रहने के बाद भी किसी को नहीं पता चल पाएगा।

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