छहढाला चौथी ढाल छंद-12

छहढाला चौथी ढाल छंद-12 छहढाला चौथी ढाल देशव्रत नामक गुणव्रत का लक्षण एवं अनर्थ दंडव्रत ताहू में फिर ग्राम, गली गृह बाग बजारा। गमनागमन प्रमान

णमो लोए सव्वसाहूणं परिवार

णमो लोए सव्वसाहूणं परिवार धर्म का इतिहास कितना प्राचीन और प्रामाणिक है, इसका पता तीर्थंकर भगवान, शास्त्र और जैन साधुओं से लगता है। जैन…

भक्तामर स्त्रोत और महत्त्व

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भक्तामर स्तोत्र की महिमामयी प्रेरक कथाएँ

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सेलिब्रेट कल्चर (संस्कृति उत्सव)

सेलिब्रेट कल्चर (संस्कृति उत्सव) समय के साथ परिस्थितियां बदलती रहती है यह बात एक सत्य है। बदलती परिस्थियों से संस्कारों और संस्कृति पर कोई असर

मैं आर्यिका वर्धितमति और माता-पिता के प्रति जीवनभर मन से कृतज्ञ रहूंगा 48 दिन की अखंड मौन साधना के बाद मुनि पूज्य सागर ने की पत्रिका से सीधी बातचीत

माता-पिता को याद कर भावुक हुए मुनि पूज्य सागर कालीचरण, मदनगंज-किशनगढ़ अ पनी 48 दिन की अखंड मौन साधना के बाद मुनि पूज्य सागर ने

साधना के स्वर और आत्मकल्याण की राह

साधना के स्वर और आत्मकल्याण की राह 48 दिन की मौन साधना के बाद अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज की जयपुर के वरिष्ठ पत्रकार

सम्यक चर्या का पालन करने वाला ही मोक्ष मार्ग का सच्चा राही- अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

सम्यक चर्या का पालन करने वाला ही मोक्ष मार्ग का सच्चा राही- अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज आधुनिक सुख-सुविधाओं और विकास की अंधी दौड़ में

सम्यक दर्शन के लिए धर्म के मूल रूप को पहचानना जरूरी

सम्यक दर्शन के लिए धर्म के मूल रूप को पहचानना जरूरी काल का प्रभाव कहें या सृष्टि में पाप कर्मों की बढ़ती मात्रा। संसार में

जीवन की आवश्यकताएं बनती हैं दुःखों का कारण- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

जीवन की आवश्यकताएं बनती हैं दुःखों का कारण- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज जीवन की आवश्यकताएं कर्म का कारण हैं। इन आवश्यकताओं के कारण ही