पहला धर्म है स्वयं को मर्यादित बनाना – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
पहला धर्म है स्वयं को मर्यादित बनाना – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज आज पाठशाला में बात करेंगे कि मनुष्य की पहचान उसके
सम्यकदर्शी होने के लिए जिनबिम्ब दर्शन जरूरी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
सम्यकदर्शी होने के लिए जिनबिम्ब दर्शन जरूरी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज जिस स्थान पर जिनेन्द्र भगवान की प्रतिमा की स्थापना की
सम्यकदर्शी होने के लिए जिनबिम्ब दर्शन जरूरी
सम्यकदर्शी होने के लिए जिनबिम्ब दर्शन जरूरी जिस स्थान पर जिनेन्द्र भगवान की प्रतिमा की स्थापना की जाती है उसे मंदिर या जिनालय कहते हैं।
पढ़िए एक आदर्श बेटी की कहानी, जिसने श्रद्धा के बल पर बदल डाला अपना भाग्य
पढ़िए एक आदर्श बेटी की कहानी, जिसने श्रद्धा के बल पर बदल डाला अपना भाग्य आज पाठशाला में एक आदर्श बेटी की कहानी पढ़े- चम्पापुर
जिन मंदिर के दर्शन से मिलता है उपवास का फल – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज
जिन मंदिर के दर्शन से मिलता है उपवास का फल – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज कर्मों से रहित अरिहंत भगवान के साक्षात दर्शन
मंदिर में क्या करें, क्या न करें – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज
मंदिर में क्या करें, क्या न करें – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज बच्चों आप सब कैसे हैं! ठीक हैं ना…? आओ चलें, आज
जिनेन्द्र दर्शन में होता है जीवन सार्थक – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी
जिनेन्द्र दर्शन में होता है जीवन सार्थक – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी एक अच्छा मनुष्य बनने के लिए जिनालय जाने की आवश्यकता है। जिनालय
भगवान जिनेन्द्र के दर्शन के समय रखें सावधानी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज
भगवान जिनेन्द्र के दर्शन के समय रखें सावधानी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज मुझे यह विश्वास है आपसब इन बातों से अवगत होंगे
ऐसा होता है जिन मंदिर का स्वरूप – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज
ऐसा होता है जिन मंदिर का स्वरूप – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज जहां पर जिनेन्द्र भगवान की प्रतिमा विराजमान होती है उसे मन्दिर
जानिए देवताओं को कैसे पता चलता है तीर्थंकर के जन्म का – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज
जानिए देवताओं को कैसे पता चलता है तीर्थंकर के जन्म का – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज बच्चों आज हम पाठशाला में बात करेंगे
