जानिए समवशरण कौनसे जीव सुनते हैं भगवान का धर्मोदेश – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

जानिए समवशरण कौनसे जीव सुनते हैं भगवान का धर्मोदेश – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज तीर्थंकर भगवान जहां बैठकर धर्मोपदेश देते हैं उसे समवशरण

आइए जानें रावण के वंश को – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

आइए जानें रावण के वंश को – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज आज पाठशाला में बात करेंगे रावण के वंश की। इसका वर्णन पद्मपुराण

भगवान आदिनाथ ने दी वर्ण व्यवस्था – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

भगवान आदिनाथ ने दी वर्ण व्यवस्था – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज भगवान आदिनाथ ने सामाजिक व्यवस्था के संचालन के लिए नगर, गांव,

चार हजार अक्षौहिणी थी रावण की सेना – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

चार हजार अक्षौहिणी थी रावण की सेना – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज बच्चों, आज पाठशाला में रावण की सेना के बारे में आपको

विद्या और साधना के प्रति समर्पित था रावण – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

विद्या और साधना के प्रति समर्पित था रावण – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज बच्चों तुम्हें पता है कि पद्मपुराण में रावण के जीवन

ज्ञानाराधना के आठ दोष – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

ज्ञानाराधना के आठ दोष – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज जब आप स्वाध्याय करते हैं तो सावधानी, विवेक रखना आवश्यक है नहीं तो पाप

आज हम पाठशाला में शल्य की बात करेंगे । तो आप शल्य को जानते हैं ।– अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

आज हम पाठशाला में शल्य की बात करेंगे । तो आप शल्य को जानते हैं ।– अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज जो काँटे

अपने आप को आत्म चिंतन में लगाना चाहिए – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

अपने आप को आत्म चिंतन में लगाना चाहिए – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज यस्य स्वयं स्वाभावाप्ति, रभावे कृत्स्नकर्मण: तस्मै संज्ञान रूपाय नमोस्तु परमात्मने अर्थ जिनको सम्पूर्ण कर्मों के अभाव होने पर स्वयं ही स्वभाव की प्राप्ति हो गई है, उस सम्यग्ज्ञान परमात्मा को नमस्कार हो। आज से साप्ताहिक अंतर्मुखी पाठशाला अंतर्भाव हम शुरू कर रहे हैं, जहां आप को आध्यात्मिक ज्ञान सुनने और पढ़ने को मिलेगा संसा

विश्वास एक मज़बूत नींव – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

विश्वास एक मज़बूत नींव – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज दुनिया में जितने व्यक्ति है उनके अंदर विश्वास, आत्मविश्वास और अंधविश्वास ने हर

आध्यात्म ही सफल जीवन का आधार है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

आध्यात्म ही सफल जीवन का आधार है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज अज्ञानता से अधर्म का जन्म होता है। इस अधर्मिता का