साधना ही ज्ञान का मार्ग है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

साधना ही ज्ञान का मार्ग है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज वास्तव में आत्मज्ञानि कौन होता है? इस बात को एक कहानी

संस्कारों ने मोहनदास को बनाया महात्मा – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

संस्कारों ने मोहनदास को बनाया महात्मा – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज मैं जैन नही हूं पर जैन धर्म के सिद्धांतों को मानने

धर्म का फल जब भी मिलेगा शुभ ही मिलेगा – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

धर्म का फल जब भी मिलेगा शुभ ही मिलेगा – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज हम रास्ते से निकलें और हमें एक कसाई

कर्म फल कभी ना कभी मिलता ही है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

कर्म फल कभी ना कभी मिलता ही है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज हम सब का एक ही सपना, इच्छा, आकांक्षा होती

रावण… लेकिन मेरा पछतावा मेरी अच्छाई का प्रमाण! – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

रावण… लेकिन मेरा पछतावा मेरी अच्छाई का प्रमाण! – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज मैनें सीता का हरण तो किया पर उसका भोग

दृष्टि बदलो, पूरी दुनिया तुम्हारी मित्र हो जाएगी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

दृष्टि बदलो, पूरी दुनिया तुम्हारी मित्र हो जाएगी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज संसार सुख -दुःख का मेला है। प्राणी को इस

अध्यात्म से सच्चा मित्र दुनिया में नहीं है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

अध्यात्म से सच्चा मित्र दुनिया में नहीं है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज जब आप हवाई जहाज की यात्रा करते हैं तो

शाश्वत सुख की प्राप्ति के लिए आत्मा और शरीर का अलग होना जरूरी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

शाश्वत सुख की प्राप्ति के लिए आत्मा और शरीर का अलग होना जरूरी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज हम धर्मगुरुओं से सुनते

ये चार भाव देंगे मानसिक और आत्मिक शांति – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

ये चार भाव देंगे मानसिक और आत्मिक शांति – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज मनुष्य आत्मिक शांति चाहता है। इसके लिए मन का

आत्मचिन्तन से पहले पापों की आलोचना जरूरी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

आत्मचिन्तन से पहले पापों की आलोचना जरूरी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज किसी छोटे बच्चे से कुछ भी पूछो तो वह सत्य