शुभ कर्म बंध – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
शुभ कर्म बंध – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज कौन कहां जन्म लेगा? किसके साथ कब क्या होने वाला है? कौन क्या तुम्हारे
सकारात्मक सोच से आएगी चेहरे पर मुस्कान – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
सकारात्मक सोच से आएगी चेहरे पर मुस्कान – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज चेहरे पर मुस्कान बनाए रखने के लिए जीवन में सुख,
किसी भी रूप में आ सकते हैं प्रभु – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
किसी भी रूप में आ सकते हैं प्रभु – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज अशुभ कर्मों को काटने और शुभ कर्म करने के
नाम नहीं कर्म महान बनाते हैं – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
नाम नहीं कर्म महान बनाते हैं – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज जैन सिद्धांत कहता है की व्यक्ति की पहचान उसके कर्म से
सुख, शांति के लिए कमजोरी को स्वीकार करो और उसे दूर करो – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
सुख, शांति के लिए कमजोरी को स्वीकार करो और उसे दूर करो – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज पड़ोसी हमारे अनुकूल हो तो
कर भला, हो भला – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
कर भला, हो भला – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज दोपहर का वक्त था बारिश होने के आसार बन रहे थे। सड़क किनारे
जो हो उसे कर्मफल समझें और साम्य भाव रखें – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
जो हो उसे कर्मफल समझें और साम्य भाव रखें – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज चार महीने से स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा
भय मनुष्य को जीते जी मार देता है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
भय मनुष्य को जीते जी मार देता है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज भय एक कर्म है जो मनुष्य को जीते जी
अपने शुभ और अशुभ कर्मों का हिसाब रखो – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
अपने शुभ और अशुभ कर्मों का हिसाब रखो – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज आज हमें यह विचार करने की आवश्यकता है कि
सब कर्म फल से मिलता है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
सब कर्म फल से मिलता है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज जन्म से शरीर, चेहरा सुंदर नही हो तो कई प्रकार के
