बेटे के ससुर जी को दिया नया जीवन
बेटे के ससुर जी को दिया नया जीवन हमारे जीवन में उनके आने के बाद सुख, शांति और समृद्धि बढ़ी। जीवन में रिक्तता पूर्ण हुई
अपने रास्ते खुद बनाना सीखा
अपने रास्ते खुद बनाना सीखा महाराज जी से मिलने के बाद हमने अपनी सोच से आगे चलना और बढ़ना सीखा। उन्होंने हमें बताया कि हमें
सरल महात्मा हैं मुनि पूज्य सागर
सरल महात्मा हैं मुनि पूज्य सागर मुनि पूज्य सागर जी एक क्लिष्ट संत न होकर, सरल महात्मा हैं। वह जो शिक्षा देते हैं, उससे सभी
सभी संतों के लिए अनुकरणीय
सभी संतों के लिए अनुकरणीय मुनि पूज्य सागर जी खास बात यह है कि उनका व्यक्तित्व एक संत का व्यक्तित्व है। वह जिस तरह से
चली गई नकारात्मकता
चली गई नकारात्मकता महाराज पूज्य सागर से जब से मिली हूं, तब मैं ही नहीं, परिवार के सभी लोग जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक
उन्हीं की प्रेरणा से चले धर्म की राह पर
उन्हीं की प्रेरणा से चले धर्म की राह पर मुनि पूज्य सागर जी क्षुल्लक अवस्था में सागवाड़ा आए थे, आज वो मुनि हैं। धर्म की
असत्य पाप में प्रसिद्ध सत्यघोष की कहानी
असत्य पाप में प्रसिद्ध सत्यघोष की कहानी जम्बूद्वीप के भरतक्षेत्र सम्बन्धी सिंहपुर नगर में राजा सिंहसेन रहता था। उसकी रानी का नाम रामदत्ता था। उसी
तीसरे चोरी पाप में प्रसिद्ध तापस की कहानी
तीसरे चोरी पाप में प्रसिद्ध तापस की कहानी वत्सदेश की कौशाम्बी नगरी में राजा सिंहस्थ रहता था। उसकी रानी का नाम विजया था। वहाँ एक
चौथे कुशील पाप में प्रसिद्ध यमदण्ड कोतवाल की कहानी
चौथे कुशील पाप में प्रसिद्ध यमदण्ड कोतवाल की कहानी आहीर देश के नासिक्य नगर में राजा कनकरथ रहते थे उनकी रानी का नाम कनकमाला था।
सत्य अणुव्रत में प्रसिद्ध धनदेव सेठ की कहानी
सत्य अणुव्रत में प्रसिद्ध धनदेव सेठ की कहानी अयोध्यानगरी में भवदत्त नाम का सेठ रहता था। उसकी स्त्री का नाम धनदत्ता था और पुत्र का
