विश्व आदिवासी दिवस की 2022 थीम संरक्षण को साकार करने के लिए आदिवासी जनजाति के लिए काम करना और उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी – अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज
विश्व आदिवासी दिवस की 2022 थीम संरक्षण को साकार करने के लिए आदिवासी जनजाति के लिए काम करना और उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी – अन्तर्मुखी
दया, अहिंसा, करुणा और प्रेम का महापर्व है चातुर्मास
दया, अहिंसा, करुणा और प्रेम का महापर्व है चातुर्मास धर्म और अध्यात्म: चातुर्मास महापुण्य का अर्जन करने का साधन अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर चातुर्मास महापुण्य अर्जन
दशलक्षण पर्व का प्रारंभ ऐसे हुआ ,- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
दशलक्षण पर्व का प्रारंभ ऐसे हुआ ,- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज अनादिकाल से पृथ्वी क्षेत्र का समूचे ब्रह्मांड में धीरे-धीरे परिवर्तन होता
आदिवासियों को पारंपरिक हुनर से जोडऩे की जरूरत : अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर
आदिवासियों को पारंपरिक हुनर से जोडऩे की जरूरत : अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर आज विश्व आदिवासी दिवस है। आदिवासी, जैसा कि उनके नाम से पता
प्रकृति के सौंदर्य को लौटाने का पर्व है दशलक्षण – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज
प्रकृति के सौंदर्य को लौटाने का पर्व है दशलक्षण – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज शास्त्रों में पर्व दो प्रकार के बताए गए हैं, पहला
उत्तम क्षमा कहानी : जब मुनि जी खुद पर हमला करने वालो को माफ नहीं करने तक अन्न जल त्याग दिया- अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर
उत्तम क्षमा कहानी : जब मुनि जी खुद पर हमला करने वालो को माफ नहीं करने तक अन्न जल त्याग दिया- अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर
घोड़ों का सईस
घोड़ों का सईस एक बार घोड़ों के मालिक की कन्या से घोड़ों के सईस को प्रेम हो गया। जब वेतन का समय आया तो कन्या
सच्चा प्रेम
सच्चा प्रेम पाटलिपुत्र में दो वेश्याएं रहती थीं। एक नाम था कोशा और दूसरा का था उपकोशा। स्थूलभद्र कोशा के साथ रहते थे। कुछ समय
अपना अपना पुरुषार्थ
अपना अपना पुरुषार्थ किसी नगर में तीन मित्र रहते थे, एक राजकुमार, एक मंत्रीपुत्र और एक वणिकपुत्र। एक बार तीनों मिले तो राजकुमार बोला, ‘मैं
विद्या का घड़ा
विद्या का घड़ा किसी योद्धा की दरिद्रता के कारण बुरी हालत हो गई। उसने खेती की, कई काम किए, घर छोड़ दिया लेकिन सफलता नहीं
