आओ जानें महावीर को…– अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
आओ जानें महावीर को…– अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज भगवान महावीर को जन जन जानता है । महावीर एक ऐसे तीर्थंकर हैं जिन्हें
मैं रावण… भविष्य का तीर्थंकर! – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज
मैं रावण… भविष्य का तीर्थंकर! – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज लेखक- मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ,पुष्पगिरि पूरा देश मुझे यानि रावण को
मैं सात्विक था… तामसिक नहीं!
मैं सात्विक था… तामसिक नहीं! नीति से दिग्विजय हुआ, कभी परस्त्री गमन नहीं स्वीकारा लेखक- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज मैं सदा सात्विक विचारों
भट्टारक परम्परा – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज
भट्टारक परम्परा – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज इतिहास गवाह है कि समय के साथ श्रद्धा,ज्ञान और आचार में शिथिलता आती जा रही है साथ
आदिनाथ से महावीर: मानव पुरूषार्थ से मानव कल्याण की यात्रा – मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज
आदिनाथ से महावीर: मानव पुरूषार्थ से मानव कल्याण की यात्रा – मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज जैन धर्म की परम्परा में वर्तमान काल में भगवान
देने का भाव रखोगे तो हमेशा स्वस्थ रहोगे
देने का भाव रखोगे तो हमेशा स्वस्थ रहोगे स्व और पर कल्याण का साधन… दान! – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महारज स्व और पर कल्याण
जीवन की जीवनी है उर्जा है आध्यात्म
जीवन की जीवनी है उर्जा है आध्यात्म अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज प्रकरण १ घर के झगड़ों का तनाव झेला ना गया, आत्महत्या कर ली।
आपदाएं इंसान को मजबूत बनाती है
आपदाएं इंसान को मजबूत बनाती है अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज प्राणी मात्र के जीवन में दु:ख, संकट और आपदा अचानक बिना कहे ही आती
गुरूकुल शिक्षा पद्धति : वर्तमान समय की आवश्यकता-
गुरूकुल शिक्षा पद्धति : वर्तमान समय की आवश्यकता- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज विकास की मंशा से तीव्र गति से दौडते वर्तमान युग में चिरंतन
क्षमा के अभाव में व्यक्ति क्रोध को जगह देता है-अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज
क्षमा के अभाव में व्यक्ति क्रोध को जगह देता है-अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज पहला दिन उत्तम क्षमा धर्म दस लक्षण पर सभी वर्ग के
