कर्म के उदय से बदलते हैं मनुष्य के भाव – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

कर्म के उदय से बदलते हैं मनुष्य के भाव – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज पद्मपुराण के पर्व 72 में रावण और सीता

कर्म ही हैं जो बुद्धि फिरा देते हैं – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

कर्म ही हैं जो बुद्धि फिरा देते हैं – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज राम और रावण का युद्ध होना था। उसके एक

अशुभ कर्म का उदय हो तो कुछ समझ नहीं आता – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

अशुभ कर्म का उदय हो तो कुछ समझ नहीं आता – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज पद्मपुराण के पर्व 76 में लक्ष्मण और

कर्म सिद्धांत की पालना जरूरी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

कर्म सिद्धांत की पालना जरूरी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज रावण के दाह संस्कार के बाद विभीषण में अपने कुल के बड़े

कोरोना कह रहा है स्वयं को बचाओ – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

कोरोना कह रहा है स्वयं को बचाओ – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज कोरोना महामारी से समझ लें कर्म सिद्धांत को तो आप

कर्म गति ने तो सीता पर भी लगा दिए लांछन – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

कर्म गति ने तो सीता पर भी लगा दिए लांछन – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज पद्मपुराण के पर्व तिरासी में राम, सीता और लक्ष्मण

गलती को स्वीकार करने वाला महान बन जाता है – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

गलती को स्वीकार करने वाला महान बन जाता है – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज कोरोना महामारी के चलते कोरोना में उपयोग आने वाली दवाईओ

युद्ध मैदान में ही वैराग्य – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

युद्ध मैदान में ही वैराग्य – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज पद्मपुराण के पर्व 89 में एक प्रसंग आया है-युद्ध मैदान में युद्ध के दौरान

कर्मों में सुधार से उद्धार सम्भव – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

कर्मों में सुधार से उद्धार सम्भव – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज कर्म बड़े विचित होते हैं। देखो, जिस त्रिलोकमण्डल हाथी को राम और लक्ष्मण अयोध्या

समय बड़ा बलवान – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

समय बड़ा बलवान – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज शुभ और अशुभ कर्मफल कब उदय में आ जाए, कोई नहीं जानता। पद्मपुराण पर्व 96 में