कहानी : बैल का जोड़ा – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

कहानी : बैल का जोड़ा – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज चम्पापुर नाम का छोटा-सा नगर था। यहां अभयवाहन नाम का एक राजा रहता

कहानी : हमेशा सत्य धर्म का पालन करो – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

कहानी : हमेशा सत्य धर्म का पालन करो – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज एक बार की बात है। चौथी कक्षा की एक

कहानी : आत्मा तो नश्वर है– अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

कहानी : आत्मा तो नश्वर है– अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज आपको यह पता ही होगा कि इतिहास में सिकंदर नाम का एक

दुष्टों पर भी अमृत वर्षा करते थे आचार्य शांतिसागर महाराज – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

दुष्टों पर भी अमृत वर्षा करते थे आचार्य शांतिसागर महाराज – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज आज की कहानी आचार्य श्री शांतिसागर महाराज के जीवन

तुम मनुष्य बनो

तुम मनुष्य बनो बहुत समय पहले की बात है। किसी जंगल में एक तपस्वी महाराज आए हुए थे। लोग कहते थे कि जो भी उन

पहले सोचो, फिर करो – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

पहले सोचो, फिर करो – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज बहुत पुरानी बात है। चार विद्वान ब्राह्मण मित्र थे। एक दिन चारों ने संपूर्ण देश

विज्ञान के साथ धर्म का आलम्बन लें – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

विज्ञान के साथ धर्म का आलम्बन लें – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज पद्मपुराण पर्व अस्सी में एक बहुत प्रेरणादायक कहानी आई है, आओ पढ़ते हैं

शुभभावों का आलम्बन हितकारी – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

शुभभावों का आलम्बन हितकारी – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज जीवन में कब और कौनसी घटना घट जाए, कोई नहीं जानता। सीता जब गर्भावस्था में

कर्म भविष्यकाल का कारण भी – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

कर्म भविष्यकाल का कारण भी – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज पद्मपुराण पर्व 85 में एक कहानी आती है। जो इस बात को बात का

सधर्म ही सच्चा सहारा – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

सधर्म ही सच्चा सहारा – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज वर्तमान का समय भागदौड़ और आपा खो देने वाला है। परिवार में पति-पत्नी के बीच