अड़तालीसवां दिन : पुरानी और आने वाली बातों में न उलझें – अंतर्मुखी पूज्य सागर जी महाराज

अड़तालीसवां दिन : पुरानी और आने वाली बातों में न उलझें – अंतर्मुखी पूज्य सागर जी महाराज मुनि पूज्य सागर की डायरी से मौन साधना

तैतीसवां दिन : धार्मिक अनुष्ठानों के प्रति उदासीनता न बरतें – अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

तैतीसवां दिन : धार्मिक अनुष्ठानों के प्रति उदासीनता न बरतें – अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज मुनि पूज्य सागर की डायरी से मौन साधना का