छहढाला चौथी ढाल छंद-14
छहढाला चौथी ढाल छंद-14 चौथी ढाल शिक्षाव्रतों के लक्षण धर उर समताभाव, सदा सामायिक करिये। परब चतुष्टय माहिं, पाप तज प्रोषध धरिये।। भोग और
छहढाला चौथी ढाल छंद-15
चौथी ढाल अतिचार न लगाने का आदेश और व्रत पालन का फल बारह व्रत के अतीचार, पन-पन न लगावै। मरण समय संन्यास धार, तसु दोष
छहढाला चतुर्थ ढाल सारांश
छहढाला चतुर्थ ढाल सारांश चतुर्थ ढाल का सारांश सम्यग्दर्शन हो जाने के बाद धर्मों से युक्त स्व-पर पदार्थों को प्रकाशित से करने वाला जो ज्ञान
छहढाला चौथी ढाल छंद-6
छहढाला चौथी ढाल छंद-6 छहढाला चौथी ढाल सम्यग्ज्ञान के दोष व मनुष्य भव की दुर्लभता तातैं जिनवर कथित तत्त्व, अभ्यास करीजै। संशय विभ्रम मोह त्याग,
छहढाला चौथी ढाल छंद-8
छहढाला चौथी ढाल छंद-8 छहढाला चौथी ढाल सम्यग्ज्ञान का महत्व और विषय चाह रोकने का उपाय जे पूरब शिव गये, जाहि, अब आगे जै हैं।
छहढाला चौथी ढाल छंद-13
छहढाला चौथी ढाल छंद-13 छहढाला चौथी ढाल प्रमादचर्या, हिंसादान और दु:श्रुति अनर्थदण्ड त्यागव्रतों का स्वरूप कर प्रमाद जल भूमि, वृक्ष पावक न विराधै। असि धनु
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