स्वाध्याय : 20 – शरीर विशेष
स्वाध्याय : 20 – शरीर विशेष शरीर के पांच भेद है । 1. औदारिक शरीर 2. वैक्रियिक शरीर 3. आहारक शरीर 4. तेजस शरीर 5.
स्वाध्याय : 22 दर्शन,ज्ञान और चारित्र के पहले सम्यक् विशेषण क्यों लगता है ।
स्वाध्याय : 22 दर्शन,ज्ञान और चारित्र के पहले सम्यक् विशेषण क्यों लगता है । आप सब देखते है कि दर्शन, ज्ञान और चारित्र के पहले
स्वाध्याय : 23 सम्यग्दर्शन विशेष – 1
स्वाध्याय : 23 सम्यग्दर्शन विशेष – 1 सम्यग्दर्शन के कई भेद अलग-अलग शास्त्रों में बताए हैं। भेदों के नाम अलग-अलग है पर सब का अर्थ,भाव
स्वाध्याय : 24 सम्यकदर्शन विशेष-2
स्वाध्याय : 24 सम्यकदर्शन विशेष-2 राजवार्तिक और यशस्तिलक चम्पूगत में दस प्रकार का सम्यकदर्शन भी होता है । तो आओ जानते हैं । आज्ञा सम्यकदर्शन – वीतराग
