प्रेरणा:- ‘महिला शक्ति का रत्न-ब्रहम्चारिणी विद्युतलता भुन’- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

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दिगम्बर जैन समाज कई विदुषी महिलाओं से विभूषित रहा है। इनमें से एक थीं ब्रहम्चारिणी विद्युतलता भुन (ब्येन)। वे जैन समाज की आदर्श महिला रत्न के रूप में जानी जाती थीं। महाराष्ट्र में कपड़ा व्यवसाय के लिए पहचाने जाने वाला सोलापुर उनका कार्यक्षेत्र रहा। इसी वर्ष 2020 में 27 मई को 97 वर्ष की उम्र में परम करूणा और दया की मूर्ति ब्रहम्चारिणी विद्युतलता भुन का सोलापुर में उनके श्राविकाश्रम में उनका संल्लेखनापूर्वक समाधिमरण हुआ। वर्तमान में अवधिज्ञानियों का अभाव है। निमित्तज्ञान के अन्य सभी श्रेष्ठ तंत्र बंद है। फिर भी आदरणीय बाल ब्रहम्चारिणी विद्युतलता भुन का जीवन पथ बताता है कि उन्होंने श्रेष्ठ गति पाई है।
उन्होंने चरित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज का परम आर्शीवाद पाया था। प्रखर बुद्धि, सुंदर शब्द रचना, आगम के गहन अध्ययन के साथ ही प्रभावी वक्तृत्व और व्यक्तित्व उनके ऐसे गुण थे जो सहज ही सभी को आकर्षित कर लेते थे। उन्होंने श्राविकाश्रम की मासिक पत्रिका का कुशल सम्पादन किया और जैन समाज की सबसे प्राचाीन भारतवर्षीय दिगम्बर जैन धर्म संरक्षिणी महासभा की महिला जगत की पत्रिका जैन महिलादर्श की वे वर्षों तक सह सम्पादक रहीं। आर्ष मार्ग को पुष्ट करने वाले आगमोक्त लेख, कहानियां आदि आपके लेखन से निसृत होते थे और महिला जगत को सही दिशा प्रदान करते थे। समाज की महिला शक्ति की आगमोक्त उन्नति में ब्रहम्चारिणी विद्युतलता भुन का अविस्मरणीय योगदान रहा है। वे श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महिला महासभा की परम संरक्षिका थी और श्राविकाश्रम का विश्वस्त आधार स्तम्भ रहीं।
दिगम्बर जैन मुनि, आर्यिका, भट्टारक समुदाय में आपके प्रति विशेष वात्सल्य रहा। दिगम्बर जैन समुदाय और संत समाज के श्रेष्ठतम कार्यक्रमों में आदरणीय ब्रहम्चारिणी विद्युतलता भुन हमेशा अग्रणी रहीं। उनका व्यक्तित्व हमेशा स्थिर चित्त और अंतरंग सदैव निर्मल रहा।
श्रवणबेलगोला के 1952, 1967, 1981, 1993, 2006 और 2018 के महामस्तकाभिषेक आयोजनों में आप श्राविका परिवार के साथ उपस्थित रहीं और स्वयं भगवान बाहुबलि का महामस्तकाभिषेक किया। श्रवणबेलगोला में 2018 में सम्पन्न महिला सम्मेलन में आपको राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया।
एक बार मैं भी श्राविकाश्रम गया और सम्पूर्ण आश्रम के अवलोकन का मुझे सौभाग्य मिला। उनके नेतृत्व मंे श्राविकाश्रम पूरी तरह सुरक्षित था। ब्रहम्चारिणी विद्युतलता भुन ने देश, समाज व महिला जगत में आदर्श महिला रत्न का गौरव प्राप्त किया। सफेद वस्त्र परिधान, सहज हंसमुख चेहरा, वात्सल्यमयी मुद्रा, करूणा की मूर्ति ब्रहम्चारिणी विद्युतलता भुन को बारम्बार प्रमाण।

अनंत सागर
प्रेरणा
(उनतीसवां भाग)
19 नवम्बर, गुरुवार 2020, बांसवाड़ा

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज
(शिष्य : आचार्य श्री अनुभव सागर जी)

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