पाठशाला

chaar hazaar akshohinee thi rawan ki sena

पाठशाला : चार हजार अक्षौहिणी थी रावण की सेना – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

बच्चों, आज पाठशाला में रावण की सेना के बारे में आपको बताएंगे। पद्मपुराण के पर्व 56 में रावण की सेना…
vidya or sadhna ke prati samarpit tha rawan

पाठशाला : विद्या और साधना के प्रति समर्पित था रावण – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

बच्चों तुम्हें पता है कि पद्मपुराण में रावण के जीवन को बताने वाले ऐसे प्रसंग आते हैं जो विद्या और…
bhagawaan aadinaath ne di warn vyavasthaa

पाठशाला : भगवान आदिनाथ ने दी वर्ण व्यवस्था – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

भगवान आदिनाथ ने सामाजिक व्यवस्था के संचालन के लिए नगर, गांव, मकान आदि बनाने और उन्हें बसाने का उपदेश दिया…
jaaniye devtaao ko kaise pata chalta hai tirthankar ke janm ka

पाठशाला : जानिए देवताओं को कैसे पता चलता है तीर्थंकर के जन्म का – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

बच्चों आज हम पाठशाला में बात करेंगे कि भगवान के जन्म के समय स्वर्ग में देवों को यह सूचना कैसे…
janiye samvsharan konse jeev sunte hai

पाठशाला : जानिए समवशरण कौनसे जीव सुनते हैं भगवान का धर्मोदेश – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

तीर्थंकर भगवान जहां बैठकर धर्मोपदेश देते हैं उसे समवशरण कहते हैं। उस समवसरण में 12 कोठे (स्थान) होते हैं जिनमें…

पाठशाला : भगवान जिनेन्द्र के दर्शन के समय रखें सावधानी – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

मुझे यह विश्वास है आपसब इन बातों से अवगत होंगे कि जिनेन्द्र भगवान के दर्शन करत समय किन-किन बातों का…

पाठशाला : ऐसा होता है जिन मंदिर का स्वरूप – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

जहां पर जिनेन्द्र भगवान की प्रतिमा विराजमान होती है उसे मन्दिर कहते हैं। प्राचीन शास्त्रों में मन्दिर को जिनालय, चैत्यालय…

पाठशाला : जिनेन्द्र दर्शन में होता है जीवन सार्थक – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी

एक अच्छा मनुष्य बनने के लिए जिनालय जाने की आवश्यकता है। जिनालय में विराजमान भगवान की प्रतिमा हम सब के…
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