प्रेरणा

kitna bhi shatru bhaav ho par maanavta jaruri hai

प्रेरणा : कितना भी शत्रु भाव हो पर मानवता जरूरी है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

पद्मपुराण के पर्व 75 में मानवता की नीति के संबंध में एक प्रेरणादायी प्रसंग आता है। जब लक्ष्मण और रावण…
drand sankalp ke saath aaraadhnaa ki jaaye to phal awashya milta hai

प्रेरणा : दृढ़ संकल्प के साथ आराधना की जाए तो फल अवश्य मिलता है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

रावण अपने संकल्प में इतना दृढ़ था कि उसको कोई विचलित नहीं कर सकता था। पद्मपुराण के पर्व 71 के…
yuddh me bhi dharam ka palan hona chahiye

प्रेरणा : युद्ध में भी धर्म का पालन होना चाहिए – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

पद्मपुराण के पर्व 67-68-69 में एक प्रसंग वर्तमान में राजनीति करने वाले लोगों के लिए प्रेरणा लेने वाला है। इस…

प्रेरणा : जिनेन्द्र देव की शरण से ही मिलती है सुख संपदा – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

संसार में जिनेन्द्र भगवान की शरण प्राप्त करने वाला संकट, आपदा, युद्ध आदि से बचने के साथ ही सुख,सम्पदा आदि…
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