अंतर्भाव

धर्मात्मा की सेवा में बड़ा पुण्य – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

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अंतरात्मा में यही सोचना चाहिए कि मुनियों की सेवा, दर्शन और आहार दान आदि कब दे पाऊंगा। संसार में धर्म…

आत्मचिंतन से ही दुःख होंगे दूर – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

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जीवन में दुख की अनुभूति तभी कम होती है जब व्यक्ति आत्मचिंतन करता है। पद्मपुराण पर्व 83 में भरत और राम की…

जब तक संसार है तब तक विषयों से यह प्राणी तृप्त नहीं होता है – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

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पद्मपुराण पर्व तिरासी में वैराग्य भाव को दृढ़ करने वाला चिंतन भरत ने किया है, आइए  उस चिंतन को पढ़ते…

दया, धर्म को ना छोडे़ं, उसी से बढ़ेगी आत्मशक्ति – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

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पद्मपुराण के पर्व अस्सी में लिखा धर्म उपदेश कोरोना काल में आत्मचिंतन के लिए बहुत उपयोगी है। तो आओ देखते…

विज्ञान और धर्म मिलकर ही कोरोना को दूर कर सकते हैं -अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

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आत्म चिंतन का समय है। एक दूसरे की गलती देखने का समय नहीं है। हम इंसान है और गलतियां होना…
apna samay punya karne or paap ka naash karne me lagaaiye

अपना समय पुण्य करने और पाप का नाश करने में लगाइए – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

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पद्मपुराण के पर्व 74 में एक प्रसंग आता है। यह प्रसंग बहुरूपिणी विद्या सिद्ध होने के बाद जब रावण युद्ध…
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