स्वाध्याय – 9 : ऐरावत हाथी का वर्णन

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ऐरावत हाथी एक लाख योजन विस्तार वाला होता है। एक ऐरावत हाथी के 32 मुख होते हैं। एक एक मुख पर चार चार दांत। प्रत्येक दांत पर एक एक तालाब होता है। एक एक तालाब पर एक एक कमल वनखण्ड होता है। एक एक कमल खण्ड पर 32 महापद्म होते हैं तथा वह एक एक महापद्म पर एक एक योजन प्रमाण वाला होता है। एक एक महापद्म पर एक एक नाटशाला होती है। एक एक नाटशाला में उत्तम बत्तीस बत्तीस अप्सराएं नृत्य करती है।

कुल मिलाकर एक ऐरावत हाथी,बत्तीस मुख,128 दांत,128 तालाब,128 कमल वनखण्ड, 4096 महापद्म, 4096 नाटशाला, 131072 अप्सराएं होती है।

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