साधुओं को आहार देने से होती है अक्षय पुण्य की प्राप्ति- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर

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उदयपुर। राजा श्रेयांस के भगवान आदिनाथ को प्रथम आहार देने के दिवस अक्षय तृतीया पर पहाड़ा स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में समवशरण जैसी रचना की गयी और भगवान का इक्षुरस से अभिषेक किया गया। इस अवसर पर अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में भक्तामर विधान भी हुआ।

लॉक डाउन के कारण विधान और अभिषेक एक कमरे में राकेश जैन, अमित जैन, दीपिका जैन, रमेश जैन और सुरेश जैन ने किया।

इस अवसर पर अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने कहा कि आज के दिन ही दान तीर्थ का प्रवर्तन हुआ था। इसलिए आज का दिन दान का दिन है। यह साधुओं को आहार देने का विशेष दिन होता है। आहार देने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। मुनि ने कहा कि आज देश में जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में हैं।

अगर सौ-सौ गांव भी एक-एक साधु की व्यवस्था की जिम्मेदारी उठा लें तो 1500 साधुओं की साधना आराम से सम्पन्न हो सकेगी। जैन संस्थाओं को इस बात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

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