चली गई नकारात्मकता

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महाराज पूज्य सागर से जब से मिली हूं, तब मैं ही नहीं, परिवार के सभी लोग जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक हो गए हैं। नकारात्मकता मानो जीवन से चली ही गई है। धर्म के बारे में आगे बढ़ने का मौका मिला। वे हमें जीवन के हर क्षेत्र में प्रोत्साहित करते हैं। उन्हीं के प्रेरणा से हमने भक्तामर विधान किया। गरीब और बच्चों की सहायता करने का प्रोत्साहन भी हमें उन्हीं से मिला। उनकी प्रेरणा से ही हमने असहाय लोगों की मदद का बीड़ा उठाया। उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। उनके आशीर्वाद से हमारे जीवन में आज बहुत सुख-शांति और समृद्धि है।

अल्पा सारगिया

बांसवाड़ा

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