स्वाध्याय – 11 : धन का खर्च किन क्षेत्रों में करें

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dhan ka kharch kin kshetro me kare

1. भगवान के प्रतिबिंब (प्रतिमा) बनवाने में
2. जैन मंदिर के लिए
3. जिन पूजा के लिए
4. जिनप्रतिष्ठा के लिए
5. सिद्ध क्षेत्रों की यात्रा के लिए
6. चतुर्विधी संघ की भक्ति के लिए
7. शास्त्र दान के लिए

• जो बिना भाव के दान देता है वह पत्थर पर बारिश रूपी जल के समान है वह कार्यकारी नहीं है। खेत में बरसा पानी ही कार्यकारी है।
• जो कोई सर्वज्ञ वीतराग भगवान को पूजता है। हमेशा विधि पूर्वक दान करता है उसके फल को कौन रोक सकता है।
• जैसे अच्छे खेत में बोया बीच बहुत गुणा होकर फलता है वैसे ही शुभ भावों से शुभ पात्रों को दिया दान अधिक फल देता है।

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