स्वाध्याय – 14 : ज्ञानाराधना के आठ दोष

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gyanaradhna ke aath dosh

1.स्वाध्याय के समय का ध्यान न रखना पहला दोष है ।
2.शुद्ध उच्चारण न करना,अक्षरादिक को छोड़ जाना दूसरा दोष है ।
3.शास्त्र का अर्थ ठीक करना तीसरा दोष है।
4. न उच्चारण ठीक करना और न अर्थ ठीक करना चौथा दोष है ।
5. जिनसे पढ़ा है या विचार है उनका नाम छिपाना पांचवा दोष हैं ।
6. जो पढ़ा है उसको अवधारण न करना छठा दोष है ।
7. विनय पूर्वक अध्ययन न करना सातवां दोष है ।
8. गुरु का आदर न करना आठवाँ दोष हैं ।

(यशस्तिलक चम्पूगत-उपास्काध्ययन)

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