नही चुकाया जा सकता माता- पिता का उपकार- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

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खरगोन/उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर शहर में खरगोन जिले से निकले दिगम्बर जैन संत अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के गृहस्थ अवस्था के माता-पिता श्रीमती विमला-सोमचंद जैन का सम्मान श्रीफल फाउंडेशन ट्रस्ट और श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर अशोक नगर, उदयपुर द्वारा किया। सम्मान के रूप में उन्हें अभिनंदन पत्र, शाल, श्रीफल आदि भेंट किया गया। इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि ये माता-पिता के दिए संस्कार ही हैं कि आज वह सन्त बन कर धर्म प्रभावना कर रहे हैं। माता-पिता का उपकार कभी चुकाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर कसरावद के शैलेन्द्र जैन, ऊन के अजित जैन उपस्थित थे । स्वागत श्रीफल फाउंडेशन के ट्रस्टी राजेश शाह, रोशन चित्तौड़ा, अजित जैन मानावत ने किया ।

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