श्रीफल पुरस्कार / श्रीफल से संत ने किया सरस्वती पुत्रों का सम्मान

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– मोहता, जैन, माली, चौधरी, पुखराज, झा हुए सम्मानित

-उदयपुर के श्रीशांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर (कांच मंदिर) में हुआ समारोह

उदयपुर,30 सितम्बर 2019 ,सोनम राणावत / पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य और समर्पित योगदान के लिए धार्मिक श्रीफल परिवार ट्रस्ट की ओर से प्रतिवर्ष आयोजित होना वाला प्रतिष्ठित श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार समारोह रविवार को उदयपुर स्थित श्रीशांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर(कांच मंदिर) में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुई।

क्या है श्रीफल पुरस्कार

श्रीफल पुरस्कार में श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार, श्रीफल सर्वश्रेष्ठ परिवार और श्रीफल सर्वश्रेष्ठ युवा पुरस्कार दिया जाता है। यह केवल पुरस्कार ही नहीं बल्कि एक संत का आशीर्वाद और सकारात्मक पत्रकारिता करने के लिए प्रोत्साहन भी है। देखा जाए तो श्रीफल पुरस्कार के नाम से ही इस पुरस्कार की सार्थकता है। हम सब जानते हैं कि श्रीफल हर शुभ कार्य और धार्मिक अनुष्ठान में काम आता है। चाहे किसी का सम्मान हो, पूजन हो या किसी को अच्छे काम के लिए विदाई देना हो, श्रीफल भेंट किया जाता है।

यह पत्रकार हुए सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान धार्मिक श्रीफल परिवार ट्रस्ट के संस्थापक अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने समारोह में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के क्षेत्र में काम कर रहे देश के छह वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया। इस मौके पर लेखक और आकाशवाणी के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी, बीकानेर के रविदत्त मोहता, दैनिक भास्कर उज्जैन के संपादक राजेश माली, राजस्थान पत्रिका के उप समाचार संपादक विकास जैन जयपुर, भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार सचिन चौधरी, न्यूज 18 नेटवर्क के वरिष्ठ पत्रकार देवकुमार पुखराज, हैदराबाद और नवोत्थान पत्रिका, नई दिल्ली के संपादक ब्रजेश कुमार झा को पुरस्कृत किया गया

मानावत, बैद सर्वश्रेष्ठ परिवार, प्रितेश हुए सर्वश्रेष्ठ युवा सम्मान से सम्मानित

श्रीफल सर्वश्रेष्ठ परिवार पुरस्कार और श्रीफल सर्वश्रेष्ठ युवा पुरस्कार भी दिया गया। इस अवसर पर किशनगढ़ के चन्द्रप्रकाश बैद, श्रीमती आरती बैद और उदयपुर के अजित व संतोष मानावत को श्रीफल सर्वश्रेष्ठ परिवार पुरस्कार दिया गया। इसी के साथ तलवाड़ा से आए प्रितेश दोषी को इस वर्ष का श्रीफल सर्वश्रेष्ठ युवा पुरस्कार दिया गया। मंदिर अध्यक्ष रोशन चित्तौड़ा ने आभार प्रकट किया ।

अब तक इतने लोग हो चुके सम्मानित

गौरतलब है कि श्रीफल पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2009 से हुई, आज के पुरस्कार सहित धार्मिक श्रीफल परिवार अब तक 48 पत्रकारों का सम्मान कर चुका है। इसके साथ ही आज के पुरस्कार के साथ अब तक 9 परिवार और 8 युवाओं का सम्मान भी श्रीफल धार्मिक परिवार अब तक कर चुका है।

यूँ हुई पुरस्कार की शुरुआत

2009 से स्व. कर्पूरचंद्र कुलिश स्मृति और सन् 2009 से अतुल्य सागर स्मृति पुरस्कार में श्रीफल पुरस्कार देने का क्रम प्रारम्भ हुआ। उसके बाद सन् 2011 से भगवान बाहुबली स्मृति पुरस्कार, सन् 2013 से चारूकीर्ति भट्टारक स्वामी, 2015 से अभिनंदन सागर स्मृति पुरस्कार, श्रवणबेलगोला स्मृति पुरस्कार और सन् 2017 से रत्न अम्मा हेगड़े धर्मस्थल स्मृति पुरस्कार देना प्रारम्भ हुआ।

कार्यक्रम में इन सभी ने दी प्रस्तुति

बच्चों व महिलाओं ने अपनी खूबसूरत प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का मनमोह लिया । सर्वप्रथम महिलाओं की ओर से समूह नृत्य की प्रस्तुति के माध्यम से सरस्वती वंदना की गई। इसके बाद नौ घंटो तक लगातार नृत्य कर रिकॉर्ड बना चुकी तनिष्का चित्तौड़ा ने एकल नृत्य प्रस्तुत कर वहां मौजूद सभी लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद नन्हें मुन्ने बच्चों व महिलाओं ने मिलकर जैन संस्कारो पर आधारित पाठशाला नाटक का मंचन किया। ततपश्चात महिलाओं की ओर से पार्श्वनाथ चालीसा समूह नृत्य की प्रस्तुति दी गई। और अंत में एक कविता सुनाई ।

मुनिवचन

कार्यक्रम के दौरान मुनि पूज्य सागर जी महाराज श्री ने सम्मानित होने वाले पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों ने आज तक जिस प्रकार से सकारात्मक नजर से खबरों और अपने विचारों को जन-जन तक पहुंचाया है, उसी महती कार्य के लिए आज उन्हें श्रीफल पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। महाराज श्री कहते हैं कि हम सभी इस बात से भलीभांति परिचित हैं कि अब श्रीफल पुरस्कार और संत का अशीर्वाद मिल जाने के बाद सकारात्मक पत्रकारिता करने का जो आप का संकल्प था, उसमें साहस और दृढ़ता आएगी और आप पत्रकारिता के नए आयामों को छूएंगे। आज हम यहां 6 पत्रकारों को श्रीफल पुरस्कार से सम्मानित कर यही भावना कर रहे हैं कि वे अपनी कलम का उपयोग सदैव सकारात्मक खबरों के लिए करें, ऐसी खबरें, जिनसे लोगों को हौसला और प्रेरणा मिले परिवार, समाज, देश में संस्कार और संस्कृति का प्रचार प्रसार करने की और अपने जीवन में भारतीय संस्कृति और संस्कारों को अपनाने की।

कार्यक्रम में इन्हें मिला धर्मलाभ

सर्वयश महिला मण्डल,जयावती महिला मण्डल ,जैन प्रगति महिला मंच ,जैन महिला मंच ,भक्ति महिला संघ,पद्मावती महिला मंडल ,पद्म प्रभु महिला मण्डल ,पारसनाथ महिला मंच ,महावीर जैन महिला परिषद ,अशोक नगर महिला मंच,धर्मवर्धिनी महिला मंच ,बीसा नरसिहपुरा युवा संस्थान ,कुंथु महिला जाग्रति मंच ,चित्तौड़ा महिला मण्डल ,अनिल प्रकाश संघवी परिवार ,तरुण चित्तौड़ा परिवार ,रमेश मेहता परिवार ,रमेश पाटोदी , रोशन चित्तौड़ा परिवार ,अजित मानावत परिवार ,पवन मेहता परिवार ,प्रदीप गांधी परिवार,अशोक गोधा परिवार ,पुष्पा सरिया ,अशोक गोधा ,रोशन चित्तौड़ा

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज पूजन में इन्होंने निभाई भागीदारी

मनोहर चित्तौड़ा परिवार ,प्रदीप –हितेश चित्तौड़ा परिवार ,प्रकाश चित्तौड़ा परिवार ,किशनगढ़ गुरुभक्त परिवार

कार्यक्रम को सफल बनाने में इन्होंने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

रोशन चित्तौड़ा, अजित मनावत, अशोक गोधा,प्रदीप चित्तौड़ा,मधु चित्तौडा

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