पहले ही धर्म की मान लेते तो नहीं फैलता कोरोना वायरस-अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

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उदयपुर। पद्मप्रभु दिगंबर जैन मंदिर पहाड़ा में अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के छठे दिन सात मार्च को 512 अर्घ्य मंडल पर समर्पित किए गए। पांचवें दिन सौधर्म इन्द्र बनने का लाभ सुरेश चिबोडिया और यज्ञनायक बनने का लाभ दिनेश गुडलिया को प्राप्त हुआ।

चार जगह अलग-अलग पंचामृत और शांतिधारा करने का लाभ अनिल सकारवत, नाथूलाल विदाला, भगवतीलाल सेमालिया, मनोहर मधु पटवा को प्राप्त हुआ। पद्मप्रभु भगवान पर रजत पुष्पवर्षा की गई। इस अवसर पर अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि जीवन में धर्म सच्चा मित्र है, जो हमें हर पल सही राह दिखाता है। भगवान की भक्ति, पूजन, दान, अभिषेक, उपकार आदि धर्म हैं।

प्रभु की भक्ति से तिर्यंच भी देव बन जाता है। धर्म से स्वर्ग और मोक्ष के सुख मिलते हैं। धर्म करने वालों को कभी मानसिक, आर्थिक कष्ट और शारीरिक रोग नहीं होते हैं। आज कोरोना वायरस से डर पैदा हो गया है, अगर पहले ही धर्म की मान लेते तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता।

धर्म में पहले ही कहा था कि शुद्धि के साथ भोजन करो, शाकाहारी भोजन करो पर हमने नहीं सुना और आज इस बीमारी के डर से शाकाहार और शुद्धता की बात कर रहे हैं। अब भी यदि हम धर्म के मार्ग पर नहीं चले तो पता नहीं कौनसी-कौनसी बीमारियां हमें घेर लेंगी।

आज होगा विशेष अभिषेक पूजनमहिला दिवस पर आठ मार्च को मंदिर में विशेष अभिषेक, पूजन किया जाएगा। यह पूजन-अभिषेक उदयपुर शहर की दिगम्बर जैन समाज की महिलाएं करेंगी। इस अवसर पर 12 प्रकार की विशेष सामग्री से अभिषेक किया जाएगा।

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