श्रावक

श्रावक – मुनिवेलाव्रत के पालन से मिलती है कीर्ति – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

आहार दान का प्रभाव तो आप सब ने सुना ही होगा, पर आचार्य रविषेण द्वारा रचित पद्मपुराण पर्व 14 में…

श्रावक – ये हैं धन दान के सात क्षेत्र – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

आचार्य रविषेण द्वारा रचित पद्मपुराण पर्व-14 में लिखा है कि केवलज्ञानी अनंतवीर्य मुनिराज भव्य जीवों को उपदेश दे रहे थे।…

श्रावक:-‘कथा श्री चंद्रगिरी पर्वत की’ – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

अंतिम श्रुतकेवली भद्रबाहु स्वामी चंद्रगुप्त सहित बारह हजार मुनियों के साथ श्रवणबेलगोला के चंद्रगिरि पर्वत पर आत्मसाधना करने आए थे।…

श्रावक :-‘हुण्डावसर्पिणी काल’ अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

असंख्यात अवसर्पिणी-उत्सर्पिणी काल के बीत जाने पर हुण्डावसर्पिणी काल आता है। आज हुण्डावसर्पिणी काल में होने वाली विशेष घटनाओं के…

श्रावक :- ‘सत्कर्म को लोभ से नहीं, मानव-धर्म समझकर करें ’- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

भगवान की पूजन और भक्ति से, संतों की सेवा से, धार्मिक पुस्तकें पढ़ने से मुझे स्वर्ग या संसारी सुख मिल…

श्रावक:- ‘ऋद्धिधारी मुनियों की आराधना कर कोरोना से स्वयं को बचाएं’- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

शरीर स्वस्थ हो तो धार्मिक, सामाजिक कार्य अधिक उत्साह से हो पाते हैं। आज शरीर में कई तरह के रोग…

श्रावक:-‘जिनेन्द्र देव की भक्ति से ही मुक्ति सम्भव है’-अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

  श्रावक का कर्तव्य है कि वह जिनेन्द्र भगवान की भक्ति करे। भक्ति से ही मुक्ति सम्भव है। भक्ति के…
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